@drizzling fondness...!!!
@.......
खुटने तुम्हारे ..
घर है हमारे ...
लटें हमारी ..
दमकती आरजुएं ....
अरमान के तारे
फलक पे तुम्हारे
समय के धागे
आँचल में सारे ...
खूब से गुस्से
परदे बेचारे ...
बे-शुद्ध बदन ..
थे मन् के प्याले ...
बहते वोह लम्हे
सारे के सारे.....
lab हमारे कोने तुम्हारे ..............
खुटने तुम्हारे ..
घर है हमारे ...
लटें हमारी ..
दमकती आरजुएं ....
अरमान के तारे
फलक पे तुम्हारे
समय के धागे
आँचल में सारे ...
खूब से गुस्से
परदे बेचारे ...
बे-शुद्ध बदन ..
थे मन् के प्याले ...
बहते वोह लम्हे
सारे के सारे.....
lab हमारे कोने तुम्हारे ..............

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