@melting moles on mountains.....!!!!
@
जब शाम ना ढली हो .
अभी रात ना जली हो ...!
वैसे ही बिखरे रहे ,जैसे पहाडोँ पे समां बिखरा हो ..
जब वक्त के हाथ लंबे ना हो
पर हम लम्हों के हाथ हो ....!
ढेर सी हंससी गूंजती हो .
साथ बगल में ही, चुप्पी भी महकती हो...!
आग में तपता चेहरा हो...
और चाँद भी बादलों में हो..!!
पुरा काफिला सुर में गा रहा हो ..
और हम आधे-पुरे अपने सुर मिला रहे हो!.
सब कुछ ,जरुरी तो हम ले आए हो..
तुम सिर्फ़ ,,कम्बल भूल आए हो..!!
ह म .म.भोर सुरीली सुरीली हो...
और, काफिला बे- -सुरा...सा , ल....... गे ...!!!!!!!!!
जब शाम ना ढली हो .
अभी रात ना जली हो ...!
वैसे ही बिखरे रहे ,जैसे पहाडोँ पे समां बिखरा हो ..
जब वक्त के हाथ लंबे ना हो
पर हम लम्हों के हाथ हो ....!
ढेर सी हंससी गूंजती हो .
साथ बगल में ही, चुप्पी भी महकती हो...!
आग में तपता चेहरा हो...
और चाँद भी बादलों में हो..!!
पुरा काफिला सुर में गा रहा हो ..
और हम आधे-पुरे अपने सुर मिला रहे हो!.
सब कुछ ,जरुरी तो हम ले आए हो..
तुम सिर्फ़ ,,कम्बल भूल आए हो..!!
ह म .म.भोर सुरीली सुरीली हो...
और, काफिला बे- -सुरा...सा , ल....... गे ...!!!!!!!!!

1 comment:
hum toh humesha se hi aapke kaayal the....
shabd nahi mil rahe aapki taareef ke liye....
nishabd ho gaye hain hum...
umeed hai aap aise hi apni copy ke panno mein se kuch yaadein, humse yun hi ru-ba-ru karati rahengi...
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